केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में 25 वर्ष तक निरंतर नेतृत्व पूर्ण करने पर बधाई देने वाला प्रस्ताव पारित किया है। यह मात्र एक औपचारिक सम्मान से कहीं अधिक राष्ट्र प्रथम और नागरिक प्रथम के सिद्धांत से निर्देशित प्रधानमंत्री मोदी की असाधारण यात्रा का उत्सव है। गुजरात में तीन बार मिले प्रचंड जनादेश और लगातार तीन लोकसभा चुनावों में मिले समर्थन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जनता का अटूट विश्वास झलकता है।
ये दस प्रमुख विशेषताएं गुजरात में उनके नेतृत्व और भारत में उनके नेतृत्व को जोड़ने वाले अखंड सूत्र को दर्शाती हैं।
गुजरात से भारत तक विकास के दृष्टिकोण का विस्तार
इस प्रस्ताव में बताया गया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने किस प्रकार गुजरात की सफल पहलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। स्वागत (एसडब्ल्यूएजीएटी) पहल जिसके माध्यम से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से नागरिकों की शिकायतें सुनीं, उसको 2010 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार मिला। बाद में इसी पहल ने प्रगति (पीआरएजीएटीआई) को प्रेरित किया जिसने सरकारों को एक साथ लाकर रुकी हुई परियोजनाओं की समीक्षा करने, बाधाओं को दूर करने और उन्हें पूरा करने में तेजी लाने का काम किया। इसी तरह कृषि के लिए ज्योतिग्राम की अलग विद्युत लाइनें एक राष्ट्रीय दृष्टिकोण बन गईं जिससे गुजरात के अनुभव का संपूर्ण भारत में विस्तार हुआ।
गरीबों के प्रति करुणा ने व्यापक स्तर पर सम्मान का रूप ले लिया
प्रधानमंत्री मोदी की गरीबी के प्रति संवेदनशीलता उनकी मां को रोजमर्रा की कठिनाइयों से जूझते हुए देखने और यात्राओं के दौरान अभाव का सामना करने से विकसित हुई। यह प्रस्ताव इन अनुभवों को घरों, पानी, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं को उपलब्ध कराने वाले कार्यक्रमों से जोड़ता है। लगभग 60 करोड़ जन धन खाते, 4 करोड़ से अधिक घर और 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना यह दर्शाता है कि किस प्रकार व्यक्तिगत समझ सार्वजनिक कार्रवाई में बदल गई जिससे परिवारों को सम्मान मिला।
सशक्तिकरण से समाज के सभी क्षेत्रों में अवसर खुले
