भारतीय नौसेना की स्वावलंबन 2026 नवाचार एवं स्वदेशीकरण संगोष्ठी से पहले 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में प्रेस वार्ता आयोजित हुई। पांचवें संस्करण के पूर्वावलोकन कार्यक्रम की अध्यक्षता नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर ने की।
नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में स्वावलंबन 2026 का आयोजन 26 और 27 अक्टूबर 2026 को होगा। स्वावलंबन 2026 का ध्यान स्वदेशी रक्षा तकनीकों को नौसेना के व्यावहारिक उपयोग तक पहुंचाने पर रहेगा। इसमें नवाचारकर्ता, उद्योग, स्टार्टअप, एमएसएमई, शिक्षाविद, निवेशक और सुरक्षा बल समुद्री चुनौतियों के साझा समाधान पर विचार करेंगे।
वाइस एडमिरल कोचर ने बताया कि 2022 के बाद से स्वावलंबन ने नौसेना की परिचालन जरूरतों को भारतीय उद्योग तथा अनुसंधान संस्थानों की तकनीकी क्षमता से जोड़ने का काम किया है। उन्होंने बदलते युद्ध परिवेश के अनुरूप समुद्र में तैनात की जा सकने वाली स्वदेशी तकनीक, लंबी दूरी की कार्रवाई और निरंतर युद्ध तैयारी की जरूरत पर जोर दिया।
स्वावलंबन 2026 की प्रदर्शनी में समुद्री निगरानी, ड्रोन रोधी तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम, एनबीसीडी, सुरक्षा और संचालन क्षमता बढ़ाने वाले भारतीय उपकरण शामिल होंगे। निवेशकों व उद्यम पूंजी संस्थानों के साथ संवाद में धन जुटाने, नए उद्यमों का विस्तार करने और घरेलू तकनीकों के व्यावसायीकरण पर चर्चा होगी।
आगामी संगोष्ठी समुद्री परिचालन के लिए भविष्य की तकनीकों को समझने का मंच बनेगी। विशेषज्ञ एवं छोटे उद्योग आपूर्ति शृंखलाओं की मजबूती, शिक्षा से उद्यमिता और स्टार्टअप अनुभवों के साथ आत्मनिर्भरता तथा आईडीईएक्स व्यवस्था को आगे बढ़ाने पर विचार करेंगे।
स्वावलंबन 2026 में स्वावलंबन 5.0 दस्तावेज, तकनीकी अनिवार्यताओं का संग्रह तथा एनएयूएसईटीयू इंटरफेस मानक भी जारी किए जाने हैं।
आयोजन के जरिए नौसेना का लक्ष्य नवाचार क्षेत्र के साथ सहयोग बढ़ाना और आधुनिक सैन्य जरूरतों के लिए भविष्य में उपयोगी स्वदेशी क्षमताएं विकसित करना है।
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