मैसूरु, कर्नाटक में केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने राज्य के समाज कल्याण विभाग के साथ केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के कामकाज और प्रगति की समीक्षा की।
समीक्षा में समाज कल्याण तथा अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभागों के राज्य और जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे। टांडा विकास निगम के प्रबंध निदेशक ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक में एनएपीडीडीआर और नशा मुक्त भारत अभियान के साथ पीएम-अजय योजना पर चर्चा हुई। नमस्ते के अंतर्गत मशीनीकृत सफाई व्यवस्था, अटल वयो अभ्युदय योजना तथा वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित दूसरी योजनाओं की प्रगति भी देखी गई।
अनुसूचित जाति, ओबीसी, ईबीसी और डीएनटी के विद्यार्थियों को दी जाने वाली प्री-मैट्रिक व पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्तियों की स्थिति पर अधिकारियों ने विचार किया। साथ ही नागरिक अधिकार संरक्षण अधिनियम 1955 और अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 को लागू करने वाली व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयासों की समीक्षा हुई।
अन्य प्रमुख विषयों में भीख मांगने के कार्य में लगे लोगों के पुनर्वास के लिए स्माइल योजना, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के कल्याण से जुड़ा स्माइल कार्यक्रम तथा ओबीसी छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावास निर्माण शामिल रहे।
सुधांश पंत ने अधिकारियों से कहा कि केंद्रीय योजनाओं का कार्यान्वयन प्रभावी और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए। लक्ष्य यह हो कि सभी पात्र लाभार्थियों तक संबंधित कार्यक्रमों का लाभ पहुंच सके।
उन्होंने कर्मचारियों और अधिकारियों को योजनाओं की शर्तों एवं सुविधाओं की स्पष्ट जानकारी के साथ संभावित लाभार्थियों से संपर्क करने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि लोगों को उनके लिए उपलब्ध सरकारी सहायता की जानकारी और पहुंच मिल सके।
समीक्षा के दौरान सचिव ने मैसूरु में स्थलों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने सार्वजनिक हित में सरकारी कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने वाले अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
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