वाणिज्य विभाग ने निर्यात संवर्धन मिशन (ईपीएम) के तहत समयबद्ध उपाय, रिलीफ (निर्यात सुविधा के लिए गतिशीलता और लॉजिस्टिक्स कदम) के घटक II के तहत समयसीमा 31 मार्च, 2027 तक बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में निरंतर भू-राजनीतिक व्यवधानों और खाड़ी एवं समीपवर्ती क्षेत्रों में समुद्री लॉजिस्टिक्स पर उनके प्रभाव को देखते हुए 30 सितंबर, 2026 की अधिसूचना संख्या 37/2026-27 के माध्यम से विस्तार को अधिसूचित किया गया।
इस पहल के घटक II का उद्देश्य निर्यातकों को विशिष्ट क्षेत्रों में होने वाले निर्यात हेतु एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (ईसीजीसी) कवर लेने के लिए बढ़ावा देना है, जिसमें 95 प्रतिशत जोखिम कवरेज दिया जाएगा। यह लाभ 16 मार्च, 2026 को या उसके बाद ली गई एकल पॉलिसी और सम्पूर्ण टर्नओवर पॉलिसी के लिए उपलब्ध है। इस घटक के तहत योग्य निर्यातकों द्वारा दिया जाने वाला प्रीमियम निर्धारित अवधि के दौरान बाधा-पूर्व स्तर से अधिक बढ़ने पर सुरक्षित रहता है। कवर की गई कार्गो श्रेणियों में फुल कंटेनर लोड (एफसीएल), लेस दैन कंटेनर लोड (एलसीएल) और रेफ्रिजेरेटेड (रीफर) कंटेनर शामिल हैं। लेकिन इनमें ऊर्जा निर्यात शामिल नहीं हैं।
रिलीफ पहल के तहत कवरेज चाहने वाले निर्यातकों को ईसीजीसी कस्टमर पोर्टल www.ecgcltd.in के ज़रिए दावा और संबंधित दस्तावेज जमा करने होंगे। इस पहल के तहत यूज़र आईडी और पासवर्ड बनाने, निर्यातक पंजीकरण पूरा करने और दावा जमा करने के बारे में दिशा-निर्देश ईसीजीसी के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनल, @ecgcltd7016 पर समर्पित वीडियो ट्यूटोरियल के ज़रिए मिल जाएंगे।
19 मार्च, 2026 को लॉन्च किया गया रिलीफ एक लक्षित कदम है जो उन भारतीय निर्यातकों की मदद के लिए है जो माल ढुलाई की लागत में अत्यधिक बढ़ोतरी, उच्च बीमा प्रीमियम और खाड़ी तथा विस्तृत पश्चिमी एशियाई समुद्री गलियारे में रुकावटों की वजह से युद्ध से उत्पन्न निर्यात जोखिमों का सामना कर रहे हैं।
रिलीफ का विस्तार भू-राजनीतिक और समुद्री लॉजिस्टिक्स की लगातार अनिश्चितताओं के बीच निर्यात गतिशीलता को सुदृढ़ करने, व्यापार प्रवाह को बनाए रखने और भारतीय निर्यातकों की सहायता करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
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