केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली) ने आज आनंद विहार के प्रमुख प्रदूषण केंद्र में दिल्ली सरकार द्वारा वायु प्रदूषण निवारण के लिए किए जा रहे उपायों की विस्तृत समीक्षा की। गणमान्य व्यक्तियों ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एआई से लैस एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) का भी दौरा किया।
गणमान्य व्यक्तियों ने समीक्षा के दौरान दिल्ली के आईएसबीटी आनंद विहार, नंद नगरी डिपो, रोहिणी सेक्टर-37 डिपो, नांगलोई डिपो और केशोपुर डिपो में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया, साथ ही स्वामी विवेकानंद आईएसबीटी, आनंद विहार में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मंत्रियों ने दिल्ली भर में डीपीसीसी द्वारा स्थापित 13 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर उपस्थित अन्य गणमान्य व्यक्तियों में पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव मंत्री (जीएनसीटी) सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा, परिवहन मंत्री (जीएनसीटी) डॉ. पंकज कुमार सिंह, पूर्वी दिल्ली से लोकसभा सांसद और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा, साथ ही केंद्र और एनसीटी दिल्ली सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
Under the Sewa Sankalp Abhiyaan, flagged off 150 electric buses today at Anand Vihar, Delhi, along with Chief Minister Smt. @gupta_rekha ji and Delhi Environment Minister Shri @mssirsa ji. Also virtually inaugurated public EV charging stations at five locations, strengthening Delhi’s clean mobility infrastructure. Under the visionary leadership of Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi ji, India is advancing towards a cleaner, greener and more sustainable future. These initiatives reflect our collective commitment to reducing emissions, promoting electric mobility and building a Viksit Bharat that grows in harmony with nature.
मंत्रियों को आनंद विहार आईएसबीटी के दौरे के दौरान बताया गया कि यातायात की भीड़, बस टर्मिनल पर आने-जाने वाली बसों की आवाजाही, सड़कों के किनारे धूल, कच्ची सड़कों और किनारों से निकलने वाली धूल, गड्ढे, कच्ची पार्किंग और टर्मिनल के अधूरे निर्माण, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, कचरा और प्लास्टिक डंपिंग के साथ-साथ कचरे को खुले में जलाने के कारण आनंद विहार एक प्रमुख वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्र बन गया है।
केंद्रीय मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने मीडिया को बताया कि प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में वायु प्रदूषण कम करने के लिए उठाए गए कदमों की विस्तृत जानकारी देते हुए 11 एजेंसियों को अल्पकालिक और दीर्घकालिक कार्य सौंपे गए हैं। आंतरिक सड़कों का निर्माण हो चुका है, अतिक्रमण हटाया जा चुका है, निर्माण कार्यों में हरित जाल और धूल नियंत्रण उपायों का पालन किया जा रहा है, अवैध निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट डंपिंग को हटाया गया है और यातायात जाम की समस्या को दूर किया गया है। दीर्घकालिक उपायों के अंतर्गत क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों से इस प्रदूषण प्रभावित क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही वायु प्रदूषण की समस्या पर अब काबू पा लिया गया है।
इसके बाद गणमान्य व्यक्तियों ने शास्त्री पार्क स्थित दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के एआई-सक्षम एकीकृत कमांड और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी) का दौरा किया। आईसीसीसी को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में डिज़ाइन किया गया है जो वायु गुणवत्ता, धूल नियंत्रण स्थलों, परिवेशी ध्वनि स्तर, औद्योगिक उत्सर्जन, पराली जलाने की घटनाओं, नागरिकों की शिकायतों और प्रवर्तन वाहनों से संबंधित डेटा को एकीकृत करता है। इससे वास्तविक समय की निगरानी, डेटा-आधारित निर्णय लेने और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वित प्रवर्तन कार्रवाई संभव हो पाती है। आईसीसीसी को 15 बाहरी डेटा प्रणालियों को एकीकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिनमें से 9 को एकीकृत किया जा चुका है और शेष 6 को चरणबद्ध तरीके से जोड़ा जा रहा है।
Visited the Integrated Command and Control Centre (ICCC) at Shastri Park and reviewed its operations along with Delhi Chief Minister Smt @gupta_rekha ji and Environment Minister Shri @mssirsa ji. We also inaugurated 13 new Continuous Ambient Air Quality Monitoring Stations (CAAQMS) to enable accurate monitoring of PM2.5 and PM10 levels. The Delhi Government has established the new Integrated Command and Control Centre to ensure close monitoring of every pollution hotspot and swift action on every issue. Equipped with AI-powered cameras, real-time data and GPS technology, the centre monitors pollution control measures round the clock. Under the leadership of PM Shri @narendramodi ji, we are working on mission mode to tackle every major source of pollution.
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री (एनसीटी, दिल्ली) ने इस दौरे के दौरान दिल्ली में डीपीसीसी द्वारा स्थापित 13 नए सतत परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्रों (सीएएक्यूएमएस) का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। ये केंद्र एसकेवी घुम्मनहेरा, जीबीएसएस छावला, जीबीएसएस कराला, जीजीएसएसएस हस्तसाल, जीबीएसएस झरोदा कलां, डीजेबी घोगा, डीजेबी बुराड़ी, डीटीएल टिकरी कलां, एनआईएच नरेला, एम्स-सीएपीएफआईएम मैदान गढ़ी, महाराजा सूरजमल स्टेडियम नांगलोई, महाराजा अग्रसेन कॉलेज वसुंधरा एन्क्लेव और एनटीपीसी इको पार्क बदरपुर में स्थित हैं। ये केंद्र वायु गुणवत्ता और मौसम संबंधी डेटा निरंतर और समय-आधारित रूप से उपलब्ध कराएंगे, जिससे वैज्ञानिक मूल्यांकन, नियामक प्रवर्तन और वायु गुणवत्ता के बारे में सार्वजनिक जानकारी का प्रसार करने में सहायता मिलेगी।
इस अवसर पर मीडिया को जानकारी देते हुए श्री यादव ने बताया कि जनसंख्या आधारित मौजूदा मानकों के अतिरिक्त, दिल्ली में अब प्रति 25 वर्ग किलोमीटर (5 किमी × 5 किमी ग्रिड) में एक वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र स्थापित किए गए हैं, और इस ग्रिड का विस्तार अन्य एनसीआर शहरों में भी किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण के अंतर्वाह और बहिर्वाह का आकलन करने के लिए शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों में कवरेज महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में विभिन्न एजेंसियों, जैसे डीपीसीसी, सीपीसीबी, आईएमडी, आईआईटीएम और एमओएचए द्वारा संचालित 47 मौजूदा वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र (सीएएक्यूएमएस) मौजूद हैं। मंत्री ने बताया कि 13 नए सीएएक्यूएमएस के जुड़ने से अब यह नेटवर्क 60 स्टेशनों तक विस्तारित हो गया है, जो सीपीसीबी सर्वर और समीर मोबाइल ऐप के माध्यम से वास्तविक समय में वायु गुणवत्ता डेटा प्रदान करते हैं।
श्री यादव ने मुख्यमंत्री, दिल्ली (जीएनसीटीडी) और दिल्ली सरकार के अधिकारियों को ई-मोबिलिटी के माध्यम से सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, समन्वित प्रयासों के माध्यम से आनंद विहार वायु प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्र को समाप्त करने और बेहतर वायु गुणवत्ता निगरानी के लिए नए सीएएक्यूएमएस का उद्घाटन करने और आईसीसीसी से जुड़ने के लिए बधाई दी।
पीके/केसी/आरटी/एचएन/एनजे
