Saturday, 17 October 2026 23 new updates today
Latest Updates

पर्यावरण Read in English

सीएक्यूएम ने एनसीआर में निर्देश संख्या 98 के अंतर्गत आने वाले सभी उद्योगों के लिए पीटीजेड कैमरा-आधारित रिमोट मॉनिटरिंग का विस्तार किया है

Key details of this update
DetailInformation
Date17 October 2026 (Saturday)
Time2:13 PM
Topic / Ministryपर्यावरण
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time5 min (827 words)

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु प्रदूषण के नियंत्रण के लिए गठित आयोग (सीएक्यूएम) ने सांविधिक निर्देश संख्या 98 के अंतर्गत आने वाली सभी श्रेणियों के उद्योगों के लिए पैन-टिल्ट-जूम (पीटीजेड) कैमरों की स्थापना और संचालन को अनिवार्य बनाते हुए वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की दूर से निगरानी (रिमोट मॉनिटरिंग) की प्रणाली को और अधिक मजबूत कर दिया है। इससे ईंधन के उपयोग, औद्योगिक उत्सर्जन और निर्धारित प्रदूषण नियंत्रण उपायों के पालन की प्रौद्योगिकी-सक्षम निगरानी का दायरा और बढ़ जाएगा। यह आदेश आयोग के 05.10.2026 के पिछले आदेश का स्थान लेगा।

आयोग ने निर्देश दिया है कि एनसीआर में संचालित होने वाले सीपीसीबी द्वारा चिह्नित अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले 17 उद्योग, लाल श्रेणी (मध्यम और बड़े) के वायु प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग, बॉयलर/थर्मिक फ्लूइड हीटर वाले खाद्य और खाद्य प्रसंस्करण और कपड़ा उद्योग, तथा भट्ठियों वाले धातु उद्योग निम्नलिखित आवश्यकताओं का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे:

पीटीजेड कैमरों की स्थापना और स्थिति

संचालन के दौरान ईंधन के उपयोग की निगरानी में सुविधा के लिए बॉयलरों, थर्मिक फ्लूइड हीटरों, भट्ठियों, किल्न और अन्य ईंधन से चलने वाले औद्योगिक उपकरणों के सभी ईंधन-फीडिंग/चार्जिंग बिंदुओं पर पीटीजेड कैमरे लगाए जाएंगे।

गैसीय ईंधन का उपयोग करने वाली औद्योगिक इकाइयों में, निगरानी के लिए पर्याप्त दृश्यता सुनिश्चित करते हुए, गैस मीटरों/गेजों और उससे जुड़ी मीटरिंग व्यवस्था को कैप्चर करने के लिए पीटीजेड कैमरे उपयुक्त रूप से लगाए जाएंगे।

औद्योगिक इकाइयां स्टैक एमिशन और ओसीईएमएस नमूनाकरण/पोर्ट-होल स्थानों की निगरानी के लिए पीटीजेड कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करेंगी।

औद्योगिक इकाइयां जहां भी लागू हो, फ्यूम एक्सट्रैक्शन सिस्टम क्षेत्रों की निगरानी के लिए भी पीटीजेड कैमरों की स्थापना सुनिश्चित करेंगी।

कैमरों की संख्या, स्थान और दृश्य क्षेत्र इस प्रकार पर्याप्त होने चाहिए कि वे संबंधित क्षेत्रों और कार्यों को प्रभावी ढंग से कवर कर सकें और कोई महत्वपूर्ण ब्लाइंड स्पॉट न हो। यदि एक कैमरा निर्धारित स्थानों को पर्याप्त रूप से कवर नहीं कर पाता है, तो अतिरिक्त कैमरे लगाए जाने चाहिए।

(ii) वास्तविक समय वीडियो निगरानी और कनेक्टिविटी

इस आदेश के तहत स्थापित किए गए सभी पीटीजेड कैमरों को सीपीसीबी और संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी के निर्दिष्ट सर्वर/पोर्टल पर रियल टाइम स्ट्रीमिंग प्रोटोकॉल (आरटीएसपी) के माध्यम से वीडियो फीड के निरंतर, वास्तविक समय में प्रसारण की सुविधा होगी।

औद्योगिक इकाइयां यह सुनिश्चित करेंगी कि कैमरे और संबंधित संचार प्रणालियाँ काम करती रहें और दूरस्थ निगरानी के लिए संबंधित नियामक अधिकारियों को वीडियो फीड उपलब्ध हों।

कैमरों इस प्रकार स्थापित और संचालित किए जाएंगे जिससे रात के समय के संचालन सहित, जहां भी लागू हो, संबंधित परिचालनों की पर्याप्त स्पष्ट छवि और दृश्यता प्रदान कर सकें

(iii) पावर बैकअप और रखरखाव

सभी औद्योगिक इकाइयां पीटीजेड कैमरों, संचार उपकरणों और संबंधित कनेक्टिविटी प्रणालियों के लिए उपयुक्त पावर बैकअप सहित पर्याप्त और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी।

किसी भी खराबी या व्यवधान की स्थिति में, कैमरे और कनेक्टिविटी व्यवस्था के उचित संचालन, रखरखाव और समय पर बहाली की जिम्मेदार औद्योगिक इकाइयां होगी।

वीडियो प्रसारण में किसी भी प्रकार की दीर्घकालिक रुकावट या खराबी की सूचना तुरंत संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी दी जाएगी, साथ ही किए गए सुधारात्मक कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी।

(iv) अनुपालन समयसीमा

इस आदेश के अंतर्गत आने वाली सभी औद्योगिक इकाइयों को 30.11.2026 तक आवश्यक पीटीजेड कैमरों की स्थापना और संचालन सुनिश्चित करना होगा, जिसमें वीडियो फीड के वास्तविक समय प्रसारण की व्यवस्था भी शामिल है।

सीपीसीबी, संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी के समन्वय से, उद्योगों से वास्तविक समय के वीडियो फीड प्राप्त करने और उन तक पहुंचने के लिए निर्दिष्ट पोर्टल, सर्वर और संबंधित बुनियादी ढांचे सहित आवश्यक तकनीकी व्यवस्था सुनिश्चित करेगा। संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी अनुपालन की निगरानी करेंगे और अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इसके प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेंगे।

हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान की संबंधित राज्य सरकारें और जीएनसीटीडी, सीपीसीबी और संबंधित एसपीसीबी/डीपीसीसी के साथ मिलकर इस आदेश का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे। इस आदेश के अंतर्गत निर्धारित आवश्यकताएं, आयोग, सीपीसीबी और अन्य प्राधिकरणों द्वारा लागू पर्यावरण कानूनों के तहत निर्धारित उत्सर्जन मानकों, अनुमोदित ईंधनों के उपयोग, ओसीईएमएस और अन्य प्रदूषण नियंत्रण उपायों से संबंधित मौजूदा निर्देशों के अतिरिक्त होंगी।

औद्योगिक उत्सर्जन, जिसमें चिमनियों से निकलने वाले कण पदार्थ (पीएम) और विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं से उत्पन्न होने वाले अनियंत्रित उत्सर्जन शामिल हैं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में वायु प्रदूषण में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कण पदार्थ की सांद्रता को सीधे बढ़ाने के अलावा, औद्योगिक उत्सर्जन द्वितीयक कण पदार्थ के निर्माण में भी योगदान देते हैं, जिससे परिवेशी वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे उत्सर्जनों का प्रभाव सर्दियों के महीनों में अधिक स्पष्ट हो जाता है, जब प्रतिकूल मौसम की स्थिति प्रदूषकों के फैलाव को सीमित कर देती है।

आयोग औद्योगिक वायु प्रदूषण को कम करने के लिए कई उपाय कर रहा है, जिनमें स्वच्छ ईंधन की ओर संक्रमण, प्रदूषणकारी ईंधनों पर प्रतिबंध और समय-समय पर कड़े उत्सर्जन मानकों का निर्धारण शामिल है। एनसीआर भर में औद्योगिक इकाइयों के निरीक्षण के दौरान आयोग के फ्लाइंग स्क्वाड ने अनधिकृत ईंधनों के उपयोग के मामले दर्ज किए हैं, जो अनुपालन निगरानी और पर्यवेक्षण तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता को दर्शाते हैं। तदनुसार, इस आदेश के साथ निगरानी तंत्र को और मजबूत किया गया है।

पीके/केसी/आरटी/पीएस

इसी विषय से और: पर्यावरण

View all इसी विषय से और: पर्यावरण
  1. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने एनसीआर में अनुपालन स्थिति और प्रवर्तन कार्रवाइयों की समीक्षा की; 25.09.2026 से 09.10.2026 के बीच 124 निरीक्षण किए गए

    एनसीआर और आस-पास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने 16.10.2026 को आयोजित अपनी 'प्रवर्तन कार्यबल/एनफोर्समेंट टास्क फोर्स' (ईटीएफ) की 141वीं बैठक में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में की गई…

    पूरा पढ़ें →
  2. पर्यावरण

    सीएक्यूएम की टीम ने धान कटाई सीज़न 2026 के दौरान प्रवर्तन उपायों की समीक्षा के लिए पंजाब के मोगा जिले का दौरा किया

    राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. टी. एस. पंवार के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जारी धान कटाई सीज़न…

    पूरा पढ़ें →
  3. पर्यावरण

    सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) को सूची में जोड़े जाने के साथ भारत के रामसर स्थलों की संख्या 103 हुई

    केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज घोषणा की कि सुखना आर्द्रभूमि (चंडीगढ़) और सौज झील (उत्तर प्रदेश) को सूची में नवीनतम रामसर स्थलों के रूप में…

    पूरा पढ़ें →
  4. पर्यावरण

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और मुख्यमंत्री (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली) ने आनंद विहार हॉटस्पॉट में वायु प्रदूषण निवारण उपायों की समीक्षा की और शास्त्री पार्क स्थित डीपीसीसी की एआई-सक्षम आईसीसीसी सुविधा का दौरा किया

    केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, दिल्ली) ने आज आनंद विहार के प्रमुख प्रदूषण केंद्र में दिल्ली सरकार द्वारा वायु…

    पूरा पढ़ें →
  5. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने दिल्ली में सड़कों पर धूल कम करने और सड़कों की गहन सफाई के लिए एमसीडी के सभी 12 जोन की तैयारियों की समीक्षा की

    दिल्ली में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करने हेतु धूल कम करने के उपायों को मजबूत करने और सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के अपने निरंतर प्रयासों के…

    पूरा पढ़ें →
  6. पर्यावरण

    केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने भारतीय वन सेवा के मध्य-करियर प्रशिक्षण अधिकारियों के साथ बातचीत की; संरक्षण संबंधी उपलब्धियों और उभरती चुनौतियों का उल्‍लेख किया

    केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज नई दिल्ली में भारतीय वन सेवा के मध्य-करियर प्रशिक्षण (एमसीटी) चरण-III (19) के अधिकारियों से बातचीत की। इस अवसर पर…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    एफएसएसएआई ने चाय के लिए कीटनाशक अवशेषों की वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित सीमाएँ प्रस्तावित कीं, उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने सतत प्रयासों के तहत, चाय में दो कीटनाशकों, एसिटामिप्रिड और इमिडाक्लोप्रिड…

    पूरा पढ़ें →
  2. उप राष्ट्रपति सचिवालय

    श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने संगीतकार देवा के निधन पर शोक व्यक्त किया

    भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मशहूर संगीतकार देवा के निधन पर गहरा दुख जताया है। अपने शोक संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि देवा ने अपनी विशिष्ट संगीत शैली…

    पूरा पढ़ें →
  3. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम ने जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया

    जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक आईआईटीएम, पुणे में 17 अक्टूबर 2026 को हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जलवायु विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  4. अंतरिक्ष विभाग

    भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था 7–8 वर्ष में 40–45 अरब अमेरिकी डॉलर पहुंच जाएगी; प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अंतरिक्ष क्षेत्र को खोलने के बाद डॉ. जितेन्द्र सिंह ने निजी निवेश में वृद्धि पर जोर दिया

    केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा तथा अंतरिक्ष विभागों के राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने यहां…

    पूरा पढ़ें →
  5. खान मंत्रालय

    मंत्रालय और इसके क्षेत्रीय कार्यालयों ने स्वच्छता ही सेवा अभियान 2026 में सक्रिय रूप से भाग लिया

    खान मंत्रालय ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों और अपने प्रशासनिक नियंत्रण वाले संगठनों के साथ स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान 2026 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस पहल के माध्यम से स्वच्छ भारत की…

    पूरा पढ़ें →
  6. गृह मंत्रालय

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2026 के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और दिल्ली के बाहर विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा की घटनाओं के सभी पहलुओं की जांच करने हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्त जांच समिति (एचपीईसी) का गठन किया था

    माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने जुलाई 2026 के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर और दिल्ली के बाहर विभिन्न स्थानों पर हुई हिंसा की घटनाओं के सभी पहलुओं की जांच करने हेतु एक उच्चाधिकार प्राप्त…

    पूरा पढ़ें →
  7. युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय

    केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने गुजरात में ‘विकसित भारत युवा संवाद’ के दौरान युवाओं को वर्ष 2047 तक विकसित भारत की परिकल्पना का मशाल वाहक बताया

    पोरबंदर से सांसद और केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने युवाओं से कहा कि वे राष्ट्र-निर्माण में आगे बढ़कर नेतृत्व करें और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के…

    पूरा पढ़ें →
  8. वाणिज्‍य एवं उद्योग मंत्रालय

    निर्यात के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए वाणिज्य विभाग ने जयपुर में ‘मुक्त व्यापार समझौतों का लाभ उठाने’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया

    वाणिज्य विभाग ने भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत उपलब्ध लाभों के बारे में जागरूकता पैदा करने और निर्यातकों को उनका प्रभावी उपयोग करने में मदद देने के लिए राजस्थान…

    पूरा पढ़ें →
  9. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    ने छह माह तक के शिशुओं के लिए खाद्य उत्पादों में सुक्रोज और फ्रक्टोज के अतिरिक्त इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाकर शिशु पोषण मानकों को सुदृढ़ करने की दिशा में कदम उठाया

    शिशुओं के पोषण संबंधी सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (शिशु पोषण के…

    पूरा पढ़ें →
  10. रक्षा मंत्रालय

    एडमिरल संजय वात्स्यायन, एफओसी-इन-सी (डब्ल्यूएनसी) द्वारा प्रोजेक्ट सीबर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर का उद्घाटन

    वाइस एडमिरल संजय वात्स्यायन, फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ, पश्चिमी नौसेना कमान ने 15 अक्टूबर 2026 को नौसेना बेस, कारवार में प्रोजेक्ट सीबर्ड चरण आईआईए के हिस्से के रूप में ट्रंक यूटिलिटी और एक्सेस…

    पूरा पढ़ें →

इस करंट अफेयर्स अपडेट को कैसे पढ़ें

यह पेज “सीएक्यूएम ने एनसीआर में निर्देश संख्या 98 के अंतर्गत आने वाले सभी उद्योगों के लिए पीटीजेड कैमरा-आधारित रिमोट मॉनिटरिंग का विस्तार किया है” विषय पर जानकारी देता है। विषय समझने के लिए पूरा लेख पढ़ें और किसी भी तारीख, आंकड़े या आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित मूल दस्तावेज़ से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अपडेट का मुख्य विषय क्या है?

इस पेज का विषय है: सीएक्यूएम ने एनसीआर में निर्देश संख्या 98 के अंतर्गत आने वाले सभी उद्योगों के लिए पीटीजेड कैमरा-आधारित रिमोट मॉनिटरिंग का विस्तार किया है। विषय की पूरी जानकारी ऊपर दिए गए लेख में पढ़ें।

यह पेज कब प्रकाशित हुआ था?

यह पेज 17 October 2026 को प्रकाशित हुआ था। यह पेज की प्रकाशन तारीख है; लेख में बताई गई घटना की तारीख अलग हो सकती है।

इस विषय की जानकारी का उपयोग कैसे करें?

पूरे लेख का संदर्भ पढ़ें, जरूरी तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि करें और संबंधित अपडेट के लिए करंट अफेयर्स अनुभाग देखें।

↑