Sunday, 18 October 2026 24 new updates today
Latest Updates

राष्ट्रपति सचिवालय Read in English

भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं

Key details of this update
DetailInformation
Date20 September 2026 (Sunday)
Time6:09 PM
Topic / Ministryराष्ट्रपति सचिवालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time2 min (344 words)

भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज, 20 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में राष्‍ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” विषय पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन मानव अस्तित्व के अनेक स्तरों पर असंतुलन पैदा करता है। जैव-विविधता का ह्रास, जल संकट और भू-क्षरण जैसी समस्याएं इससे गहराई से जुड़ी हुई हैं। जलवायु परिवर्तन के खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका पर भी गंभीर प्रभाव सामने आ रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि ऐसी जटिल चुनौती का समुचित प्रकार से सामना करने के लिए नीतियों और कार्रवाई का एक सुगठित ढांचा आवश्यक है। ऐसी व्यवस्था, जिसमें केवल सरकारें और कानूनी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि वे समुदाय भी सक्रिय रूप से भागीदार हों, जिनको जलवायु परिवर्तन सर्वाधिक प्रभावित करता है। ग्रामीण और वनवासी समाज, छोटे किसान, महिलाएं, तथा अन्य कमजोर वर्गों की आवश्यकताओं के प्रति विशेष संवेदनशीलता आवश्यक है, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं का सबसे अधिक प्रभाव इन्हीं पर पड़ता है।

राष्ट्रपति ने इस बात पर जोर दिया कि पारंपरिक ज्ञान प्रणालियां, स्थानीय समुदायों की प्रथाएं और उनके जीवन के अनुभव जलवायु अनुकूलन की क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पारंपरिक ज्ञान पर आधारित लोक-केन्‍द्रित एवं समुदाय आधारित अनुकूलन तरीकों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को सुदृढ़ करने के प्रयास करने चाहिए। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता को बढ़ाने में संधारणीय वनीकरण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। जैव विविधता का पोषण करने वाला और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वनीकरण इसमें सहायक हो सकता है। उन्होंने कहा कि संधारणीय वनीकरण का वास्तविक लक्ष्य केवल “पेड़ लगाना” नहीं, बल्कि स्वस्थ और स्वनिर्भर पारिस्थितिक तंत्रों को फिर से स्थापित करना है।

राष्ट्रपति ने कहा कि विकासशील देशों को ऐसा मार्ग तय करना चाहिए जो विकास की गति को सुरक्षित रखते हुए जलवायु परिवर्तन का सामना करने की क्षमता बढ़ाए। जिम्मेदार जलवायुपरक उपायों की प्रतिबद्धताएं देश की विकास संबंधी आवश्यकताओं और आर्थिक आकांक्षाओं के अनुरूप होनी चाहिए। वे तकनीकी रूप से व्‍यवहार्य भी होनी चाहिए।

इसी विषय से और: राष्ट्रपति सचिवालय

View all इसी विषय से और: राष्ट्रपति सचिवालय
  1. राष्ट्रपति सचिवालय

    प्रेस विज्ञप्ति

    भारत की राष्ट्रपति ने, प्रधानमंत्री की सलाह के अनुसार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75 के खंड (2) के तहत, डॉ. एल. मुरुगन का केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर…

    पूरा पढ़ें →
  2. राष्ट्रपति सचिवालय

    भारत की राष्ट्रपति विजयवाड़ा में ‘राष्ट्रीय सरस मेले’ में शामिल हुईं

    भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज, 15 अक्तूबर 2026 को विजयवाड़ा, आंध्र प्रदेश में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित 'राष्ट्रीय सरस मेले' में शामिल हुईं। राष्ट्रपति…

    पूरा पढ़ें →
  3. राष्ट्रपति सचिवालय

    66वें राष्‍ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम प्रतिभागियों ने राष्ट्रपति से मुलाकात की

    66वें राष्‍ट्रीय रक्षा महाविद्यालय पाठ्यक्रम के संकाय और पाठ्यक्रम प्रतिभागियों ने आज, 13 अक्टूबर 2026 को राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इस अवसर पर अपने…

    पूरा पढ़ें →
  4. राष्ट्रपति सचिवालय

    प्रेस विज्ञप्ति

    राष्ट्रपति ने विभिन्न राज्यों के राज्यपालों की नियुक्ति की है :- (i) सिक्किम के राज्यपाल श्री ओम प्रकाश माथुर को केरल का राज्यपाल नियुक्त किया गया। (ii) केरल के राज्यपाल श्री राजेंद्र…

    पूरा पढ़ें →
  5. राष्ट्रपति सचिवालय

    गार्ड परिवर्तन समारोह इस शनिवार से प्रातः 07:30 बजे से 08:30 बजे के बीच आयोजित होगा

    राष्ट्रपति भवन के फोरकोर्ट में प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाला गार्ड परिवर्तन समारोह इस शनिवार, 10 अक्तूबर 2026 से नए समय अर्थात प्रातः 07:30 बजे से 08:30 बजे के बीच आयोजित होगा।…

    पूरा पढ़ें →
  6. राष्ट्रपति सचिवालय

    भारत की राष्ट्रपति अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं

    भारत की राष्ट्रपति, श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज, 6 अक्तूबर 2026 को बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश में एम्स बिलासपुर के प्रथम दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर अपने संबोधन में, राष्ट्रपति ने…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. आयुष

    AIIA ने दो समझौता ज्ञापनों, प्रमुख अकादमिक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों के साथ मनाया अपना 10वाँ स्थापना दिवस

    अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के कौमारभृत्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन KAUMARACON 2026 का शनिवार को आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय…

    पूरा पढ़ें →
  2. वित्‍त मंत्रालय

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत एमपी के युवाओं के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ पांच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।…

    पूरा पढ़ें →
  3. पर्यावरण

    राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने पहुंच और लाभ साझाकरण व्यवस्था के अंतर्गत 29 राज्य जैव विविधता परिषदों और एक केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद को 1.19 करोड़ रुपये वितरित किए

    जैविक संसाधन बाज़ारों या व्यापारियों के माध्यम से खरीदे जाने के कारण व्यक्तिगत लाभार्थियों की पहचान आसानी से नहीं हो पाती थी। इस प्रकार से एनबीए ने विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसित और…

    पूरा पढ़ें →
  4. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने फिरोजपुर और फरीदकोट में धान की पराली के प्रबंधन संबंधी उपायों की समीक्षा की; फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी की समय पर उपलब्धता और किसानों को सहायता प्रदान करने पर जोर

    पंजाब के मोगा जिले के दौरे के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. टी.एस. पंवार के नेतृत्व में एक…

    पूरा पढ़ें →
  5. औषधि विभाग

    137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन का युक्तिकरण

    रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अत्यधिक ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करने, कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाने और…

    पूरा पढ़ें →
  6. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    शिल्प समागम मेला 2026-मैसूर, कर्नाटक

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत कल कर्नाटक के मैसूर में आयोजित नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 में पहुंचेंगे। इस मेले का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता…

    पूरा पढ़ें →
  7. आयुष

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026: आयुर्वेद रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026 (18 अक्टूबर) पर आयुष मंत्रालय रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, निवारक देखभाल और व्यापक दृष्टिकोण की अहमियत को रेखांकित कर रहा है। आयुर्वेद विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  8. रक्षा मंत्रालय

    पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ किया

    भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी 15 अक्टूबर, 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हो गए। ये जहाज…

    पूरा पढ़ें →
  9. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    समानता और गरिमापूर्ण जीवन की ओर महाराष्ट्र के अनिकेत अधिक सपकाल और मीनाक्षी हनुमंत पटोले की जीवन-यात्रा

    श्री अनिकेत अधिक सपकाल और श्रीमती मीनाक्षी हनुमंत पाटोले के लिए अंतरजातीय विवाह समानता, बंधुत्व और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। यह जाति आधारित भेदभाव से…

    पूरा पढ़ें →
  10. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    एफएसएसएआई ने चाय के लिए कीटनाशक अवशेषों की वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित सीमाएँ प्रस्तावित कीं, उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने सतत प्रयासों के तहत, चाय में दो कीटनाशकों, एसिटामिप्रिड और इमिडाक्लोप्रिड…

    पूरा पढ़ें →

इस करंट अफेयर्स अपडेट को कैसे पढ़ें

यह पेज “भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं” विषय पर जानकारी देता है। विषय समझने के लिए पूरा लेख पढ़ें और किसी भी तारीख, आंकड़े या आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित मूल दस्तावेज़ से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अपडेट का मुख्य विषय क्या है?

इस पेज का विषय है: भारत की राष्‍ट्रपति “पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन का भविष्य” पर आयोजित अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन के समापन सत्र में शामिल हुईं। विषय की पूरी जानकारी ऊपर दिए गए लेख में पढ़ें।

यह पेज कब प्रकाशित हुआ था?

यह पेज 20 September 2026 को प्रकाशित हुआ था। यह पेज की प्रकाशन तारीख है; लेख में बताई गई घटना की तारीख अलग हो सकती है।

इस विषय की जानकारी का उपयोग कैसे करें?

पूरे लेख का संदर्भ पढ़ें, जरूरी तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि करें और संबंधित अपडेट के लिए करंट अफेयर्स अनुभाग देखें।

↑