केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दक्षिणी राज्यों की रीजनल कृषि कॉन्फ्रेंस के समापन सत्र को संबोधित करते हुए राज्यों को कृषि क्षेत्र में तय किए गए लक्ष्यों और कमिटमेंट को समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दिनभर में जिन विषयों पर चर्चा हुई है उसमें से जो एक्शनएबल पॉइंट्स हैं, उन पर राज्यों को गंभीरता से काम करना होगा। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर एक एग्रीकल्चर टीम हैं। हमारे साइंटिस्ट, हमारे किसान, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी, भारत की एक टीम एग्रीकल्चर है। हम मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि इस कांफ्रेंस में राज्यों ने जो कमिटमेंट दिए हैं, उन्हें पूरा करना होगा, नहीं तो ये एक्सरसाइज बेकार हो जाएगी। श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर किसी राज्य ने फार्मर आईडी का काम दिसंबर तक पूरा करने का कमिटमेंट किया है तो उसे दिसंबर तक पूरा करना होगा। अलग-अलग कामों को दोहराने की जरूरत नहीं है, लेकिन उन पर कार्रवाई जरूरी है।
सिर्फ ईटिंग, मीटिंग, सीटिंग नहीं, परिणाम देना है
केन्द्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अगर कॉन्फ्रेंस के बाद तय किए गए काम नहीं हुए तो पूरी कवायद बेकार हो जाएगी। एक दिन हम आए, ईटिंग, मीटिंग, सीटिंग कर ली और कुछ नहीं किया तो ये चीटिंग हो जाएगी जनता के साथ। ये हमको नहीं करना है, हमको परिणाम देना है। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि ऊपर बैठी हुई टीम, कृषि मंत्री और नीचे काम करने वाली टीम मिलकर काम करेगी। उन्होंने कहा कि सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी तो हसरत है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। हम कृषि की सूरत बदल के ही मानेंगे। साथ ही केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान यह तय किया गया था कि राज्य जब भी तारीख तय करेंगे, भारत सरकार के वैज्ञानिक और केवीके के वैज्ञानिक उनके साथ जाएंगे। वैज्ञानिक गांवों और खेतों में जाएंगे, किसानों के साथ बैठेंगे और किसान, वैज्ञानिक व कृषि विभाग के अधिकारी मिलकर चर्चा करेंगे।
फार्मर आईडी और एग्री स्टैक पर तेजी से काम करें राज्य
