प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशभर में 45 जगहों पर आयोजित 20वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया और 51,000 से अधिक नवनियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने चेन्नई के डी.जी. वैष्णव कॉलेज में आयोजित रोजगार मेले में भाग लिया। उन्होंने केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के लिए चयनित 285 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। उन्होंने आयकर विभाग, कर्मचारी राज्य बीमा निगम, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, रक्षा मंत्रालय, डाक विभाग, जवाहरलाल स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान और दक्षिण रेलवे सहित महत्वपूर्ण संस्थानों में शामिल होने वाले युवाओं को शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने कहा कि सरकारी सेवा में शामिल होने वाले नवनियुक्त युवा 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों को केवल रोजगार हासिल करने के रूप में न देखें, बल्कि इसे राष्ट्र की सेवा और देश के समग्र विकास में योगदान देने के अवसर के रूप में देखें।
उन्होंने कहा कि नियुक्ति पत्र केवल नियुक्ति का आदेश नहीं है, बल्कि राष्ट्र की सेवा करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारी नागरिकों के साथ संवाद करते समय सरकार के प्रतिनिधि और सरकार का चेहरा होते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईमानदारी, जवाबदेही, सहानुभूति और जनता के प्रति मानवीय दृष्टिकोण सरकारी सेवा का अभिन्न हिस्सा होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार की विभिन्न प्रमुख पहलों, जिनमें मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और मुद्रा ऋण योजना शामिल हैं, ने युवाओं को केवल रोजगार तलाशने वाला ही नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनने में भी सक्षम बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के परिणामस्वरूप बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत से घटकर 3.2 प्रतिशत हो गई है।
केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने बताया कि देश में स्टार्टअप की संख्या, जो 2014 में लगभग 400 थी, बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के संस्थापकों की एक बड़ी संख्या 30 वर्ष से कम आयु के युवा हैं।
