प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के विजन और केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में देश के सहकारिता क्षेत्र को अधिक सशक्त, पारदर्शी, जवाबदेह और आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सहकारिता मंत्रालय द्वारा 8 और 9 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर में ‘सहकार से समृद्धि — आगे की राह: सहकारिता रूपांतरण से व्यापक प्रभाव की ओर’ विषय पर 9वीं राष्ट्रीय समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यशाला का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में संचालित प्रमुख पहलों की प्रगति की समीक्षा करना, राज्यों की सफल कार्यप्रणालियों और जमीनी अनुभवों को साझा करना तथा आगामी तीन महीनों के लिए परिणामोन्मुखी कार्ययोजना तैयार करना है। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी, सहकारिता पंजीयक, राष्ट्रीय सहकारी संस्थाओं और संघों के प्रतिनिधि तथा सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक भाग ले रहे हैं। दो दिवसीय कार्यशाला को राज्यों के नेतृत्व में विचार-विमर्श और अनुभवों के आदान-प्रदान का एक महत्वपूर्ण मंच बनाया गया है, जहां सहकारी संस्थाओं के पुनरुद्धार, वित्तीय सुदृढ़ीकरण, व्यवसाय विविधीकरण, डिजिटलीकरण, क्षमता निर्माण और बाजार तक पहुंच बढ़ाने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की जा रही है।
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्रालय के सचिव डॉ. आशीष कुमार भूटानी ने कहा कि लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे बस्तर जिले में सहकारी विकास को लेकर इस कार्यशाला के आयोजन का सुझाव केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने स्वयं दिया था, जिससे इस पहल का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य केवल विभिन्न योजनाओं और पहलों पर चर्चा करना नहीं, बल्कि उनसे प्राप्त अनुभवों और निष्कर्षों को धरातल पर लागू करना है। सहकारी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय, संस्थागत सहयोग और सफल कार्यप्रणालियों को व्यापक स्तर पर अपनाने से सहकारिता आंदोलन को और मजबूत बनाया जा सकता है। सहकारी संस्थाओं में लोकतांत्रिक व्यवस्था, पारदर्शिता और सहकारिता के मूल सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए डॉ. भूटानी ने कहा कि ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में छोटे कारोबारियों तथा आम नागरिकों के आर्थिक सशक्तीकरण में इन संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
