
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने आज कहा कि भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इसमें रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा देने, किसानों की आय में वृद्धि करने और भारत की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाने की क्षमता है। श्री पासवान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं, जबकि श्री अविनाश जोशी मंत्रालय के सचिव हैं।
मुख्य घटनाक्रम
कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम-के) के सातवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए, श्री पासवान ने उत्तीर्ण छात्रों से केवल नौकरी मांगने तक सीमित न रहने, बल्कि नौकरी देने वाले, नवोन्मेषक और समाधान प्रदाता बनने का आह्वान किया। ‘एनआईएफटीईएम-के’ के आधिकारिक पोर्टल पर भी 2026 के इस आयोजन को इसका 7वां दीक्षांत समारोह बताया गया है।
उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में हुई प्रगति के बावजूद, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं जिनका दोहन किया जाना बाकी है। यह क्षेत्र बेहतर खाद्य गुणवत्ता, मूल्य संवर्धन, किसानों के लिए बेहतर आर्थिक अवसर, रोजगार सृजन और खाद्य पदार्थों की बर्बादी को कम करने में एक साथ योगदान दे सकता है।
श्री पासवान ने कहा कि भारत का विशाल कृषि आधार, उत्पादों की विविधता और बड़ा उपभोक्ता बाजार देश को एक "ग्लोबल फूड बास्केट" के रूप में उभरने की शक्ति प्रदान करते हैं। उन्होंने खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं, प्रसंस्करण सुविधाओं व प्रौद्योगिकी को खेतों और ग्रामीण क्षेत्रों के करीब ले जाने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि खाद्य प्रसंस्करण के लाभ जमीनी स्तर पर उत्पादकों तक पहुंच सकें।
उन्होंने छात्रों से लीक से हटकर सोचने का आह्वान किया और उभरती हुई चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने युवा नवोन्मेषकों को आश्वस्त किया कि सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से नए विचारों और पहलों का समर्थन करेगी।
केंद्रीय मंत्री ने गुणवत्ता बनाए रखने की पुरज़ोर वकालत करते हुए यह भी कहा कि खाद्य क्षेत्र में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भारतीय उत्पाद की गुणवत्ता केवल एक कंपनी की प्रतिष्ठा को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि वैश्विक बाजारों में 'ब्रांड इंडिया' की साख को भी प्रभावित करती है।
परीक्षा पुनरावृत्ति: प्रमुख तथ्य
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इस समाचार में मुख्य घटनाक्रम क्या है?
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने आज कहा कि भारत के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और इसमें रोजगार सृजन, उद्यमिता को बढ़ावा देने, किसानों की आय में वृद्धि करने और भारत की वैश्विक उपस्थिति को बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाने की क्षमता है। श्री पासवान केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं, जबकि श्री अविनाश जोशी मंत्रालय के सचिव हैं।
बताया गया उद्देश्य क्या है?
उन्होंने छात्रों से लीक से हटकर सोचने का आह्वान किया और उभरती हुई चुनौतियों का समाधान खोजने के लिए प्रौद्योगिकी, नवाचार और उद्यमिता का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने युवा नवोन्मेषकों को आश्वस्त किया कि सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से नए विचारों और पहलों का समर्थन करेगी।
कौन सी तारीखें या आंकड़े बताए गए हैं?
कुंडली स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (एनआईएफटीईएम-के) के सातवें दीक्षांत समारोह में बोलते हुए, श्री पासवान ने उत्तीर्ण छात्रों से केवल नौकरी मांगने तक सीमित न रहने, बल्कि नौकरी देने वाले, नवोन्मेषक और समाधान प्रदाता बनने का आह्वान किया। ‘एनआईएफटीईएम-के’ के आधिकारिक पोर्टल पर भी 2026 के इस आयोजन को इसका 7वां दीक्षांत समारोह बताया गया है।
