केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने 16 सितंबर, 2026 को नई दिल्ली में प्राथमिक शिक्षक संबंधी शिक्षा (पीटीई) में छह माह के प्रमाण-पत्र (ब्रिज) पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया। यह पाठ्यक्रम ऐसे सेवारत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों के लिए तैयार किया गया है, जिनके पास बी.एड. की डिग्री है। यह पाठ्यक्रम ऐसे शिक्षकों के लिए प्राथमिक स्तर पर शिक्षण हेतु आवश्यक प्रमाणन प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। यह विशेष व्यावसायिक विकास कार्यक्रम शिक्षकों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करेगा, जिससे वे प्राथमिक स्तर (कक्षा I से V) के विद्यार्थियों को प्रभावी ढंग से शिक्षित करने के लिए आवश्यक कौशल और दक्षताएं विकसित कर सकेंगे।
यह ब्रिज पाठ्यक्रम राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके अंतर्गत शिक्षकों को बाल-केंद्रित, समावेशी तथा बाल विकास के अनुरुप शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराया जाएगा। इससे शिक्षा के आधारभूत और प्राथमिक चरणों में शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के निर्धारित ढांचे के अनुरूप तैयार किया किया गया है। इसके माध्यम से प्राथमिक स्तर पर शिक्षण-पद्धति संबंधी दक्षताओं को मजबूत किया जाएगा। इसमें अकादमिक अध्ययन के साथ-साथ कम से कम 10 दिनों की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और कम से कम 20 दिनों का विद्यालय-आधारित अनुभव शामिल होगा।
यह ब्रिज पाठ्यक्रम शिक्षकों को छोटे बच्चों की विविध अधिगम आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाएगा। इसमें छह सैद्धांतिक पाठ्यक्रम और विद्यालय-आधारित प्रायोगिक कार्य शामिल हैं। यह कार्यक्रम शैक्षिक सिद्धांत को कक्षा में उसके व्यवहारिक प्रयोग से जोड़ने के लिए एक सुदृढ़ ढांचा प्रदान करता है। ब्रिज पाठ्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक शिक्षकों को ऐसे कौशल, दृष्टिकोण और आत्म चिंतन की क्षमताओं से सशक्त बनाना है, जो प्राथमिक कक्षाओं में सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आजीवन अधिगम सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं। यह शिक्षण को एक गतिशील, संदर्भ-संवेदी और जिज्ञासा-आधारित पेशे के रूप में देखने के विजन को बढ़ावा देता है।
