Sunday, 18 October 2026 24 new updates today
Latest Updates

सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय Read in English

पीएम-अजय ‘आदर्श ग्राम’, सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं और शैक्षिक अवसंरचना के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा दे रहा है

Key details of this update
DetailInformation
Date17 October 2026 (Saturday)
Time2:13 PM
Topic / Ministryसामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time6 min (1,002 words)

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' पीएम-अजय ) के 'आदर्श ग्राम' घटक के तहत, देश भर के 47,200 से अधिक गांवों को शामिल किया गया है, जिससे 47.79 लाख से अधिक नागरिकों को लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, पीएम-अजय के तहत कुल 46,944 विकास कार्य पूरे किए जा चुके हैं, और 27,032 'ग्राम विकास योजनाएं' (वीडीपी) तैयार की गई हैं।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 8 सितंबर 2026 तक 18,093 गांवों को 'आदर्श ग्राम' घोषित किया जा चुका है। यह अनुसूचित जाति बहुल गांवों में अवसंरचना, आवश्यक सेवाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए मंत्रालय के निरंतर प्रयासों को प्रतिबिंबित करता है।

उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बहुल गांवों में अवसंरचना और आवश्यक सेवाओं की कमियों को दूर करके उन्हें 'आदर्श ग्राम' (मॉडल गांवों) के रूप में विकसित किया जा रहा है। एक 'आदर्श ग्राम' की परिकल्पना ऐसे गांव के रूप में की गई है, जहां लोगों को बुनियादी सेवाएं मिल सकें, समाज के सभी वर्गों की न्यूनतम जरूरतें पूरी हों और असमानताएं न्यूनतम हों।

मंत्रालय द्वारा लागू 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (पीएम-अजय), अवसंरचना के विकास, आजीविका को बढ़ावा देने, शिक्षा और बुनियादी सेवाओं तक बेहतर पहुंच के माध्यम से अनुसूचित जाति समुदायों के सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण को आगे बढ़ा रही है।

अधिकारी ने बताया कि इस योजना के तीन मुख्य घटक हैं: अनुसूचित जाति बहुल गांवों को 'आदर्श ग्राम' के रूप में विकसित करना, राज्य और जिला स्तर पर सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं के लिए सहायता अनुदान देना और छात्रावासों का निर्माण व मरम्मत करना।

उन्होंने बताया कि 'सहायता अनुदान' के तहत जिला और राज्य स्तरीय ऐसी परियोजनाओं के लिए वित्तीय मदद दी जाती है, जिनका उद्देश्य अनुसूचित जातियों का सामाजिक-आर्थिक विकास करना है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य जोर व्यापक आजीविका परियोजनाओं, कौशल विकास और उससे जुड़ी अवसंरचना के जरिए लक्षित आबादी की आय बढ़ाने पर है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अनुसूचित जाति बहुल गांवों में जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करके सामाजिक-आर्थिक विकास के संकेतकों में सुधार लाना तथा जहां जरूरत हो, वहां आवासीय विद्यालयों के माध्यम से अनुसूचित जाति के छात्रों के बीच साक्षरता और स्कूलों में दाखिले को बढ़ावा देना है।

अधिकारी ने बताया कि वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान, इस हिस्से के तहत राज्यों को सीधे लगभग 1,730 करोड़ रुपये जारी किए गए। उन्होंने कहा कि इस मदद से 2.5 लाख से अधिक व्यक्तिगत और समूह लाभार्थियों को कौशल विकास और आजीविका के अवसर मिले हैं।

अधिकारी ने आगे बताया कि पीएम-अजय योजना के तहत छात्रावास बनाने और उनकी मरम्मत करने का काम किया जाता है। इसके जरिए मंत्रालय अनुसूचित जाति छात्रों को अच्छी शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित और सक्षम बनाता है। ये छात्रावास विशेष रूप से ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों के लिए बहुत मददगार हैं, क्योंकि इनसे उन्हें रहने की जगह और शिक्षा के अवसर मिलते हैं।

उन्होंने बताया कि सितंबर 2026 तक, इस योजना के तहत कुल 785 छात्रावास बनकर तैयार हो चुके थे। उन्होंने आगे कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए, सरकार ने दो छात्रावास परियोजनाओं—एक लड़कियों के लिए और एक लड़कों के लिए— हेतु 61.46 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता आवंटित की है। इन छात्रावासों में 264 छात्रों के रहने की व्यवस्था होगी।

मंत्रालय के अधिकारी ने यह भी बताया कि योजना के क्रियान्वयन और निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम 'पीएम-अजय मोबाइल ऐप' और 'पीएम-अजय पोर्टल' की शुरुआत है। इससे कागजी कामकाज की जगह पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया (एंड-टू-एंड डिजिटल प्रोसेसिंग) अपनाना संभव हो गया है, जो वास्तविक-समय के आधार पर काम करती है।

उन्होंने कहा कि तकनीक पर आधारित शासन से इस योजना के तहत जानकारी तक पहुंच, निगरानी और डेटा के आधार पर फैसले लेने की प्रक्रिया मजबूत हो रही है। साथ ही, इस डिजिटल फ्रेमवर्क का उद्देश्य कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में आपसी तालमेल, पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को बेहतर बनाना भी है।

अधिकारी ने आगे बताया कि पीएम-अजय पूरी तरह से केंद्र द्वारा वित्तपोषित योजना है, जबकि राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जरूरत पड़ने पर इसमें अपने अतिरिक्त संसाधन भी लगा सकते हैं। वित्तपोषिण ढांचे के तहत, चुने गए 'आदर्श ग्राम' गांवों में कमियों को पूरा करने के लिए कुल फंड का 50 प्रतिशत तक इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्र, राज्य और जिला स्तरों पर 'तकनीकी सहायता समूहों' और 'परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों' को स्थापित करने और चलाने के लिए 5 प्रतिशत तक कोष आवंटित किया गया है। छात्रावासों के निर्माण और मरम्मत, जिसमें केंद्रीय संस्थानों के लिए सहायता भी शामिल है, के लिए 2 प्रतिशत तक कोष तय किया गया है, जबकि बाकी कोष जिला और राज्य स्तर की परियोजनाओं के लिए 'अनुदान-सहायता' के रूप में दिया जाता है।

अनुदान-सहायता का आवंटन करते समय कई बातों का ध्यान रखा जाता है, जैसे अनुसूचित जाति की आबादी कितनी है, और राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों की अनुसूचित जाति आबादी के अनुपात में, वहां की 'अनुसूचित जाति उप-योजना' (एससीएसपी) और वार्षिक योजना का अनुपात क्या है। अवसंरचना से जुड़ी परियोजनाओं के पूरा होने के बाद, उनके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी संबंधित राज्य सरकारों या उन्हें लागू करने वाली एजेंसियों की होगी। छात्रावास घटक के तहत, भारत सरकार इनके रखरखाव के लिए भी केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।

जैसे-जैसे भारत 'विकसित भारत @2047' की ओर आगे बढ़ रहा है, यह सुनिश्चित करना कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे, देश की विकास यात्रा का मुख्य केंद्र बिंदु है।

पीएम-अजय सशक्तिकरण के कई पहलुओं को संबोधित कर इस उद्देश्य को पूरा करने में योगदान देता है—इसमें ग्रामीण अवसंरचना और बुनियादी सेवाओं से लेकर आजीविका, कौशल विकास और शिक्षा तक पहुँच आदि शामिल हैं।

तकनीक के अधिक उपयोग, बेहतर निगरानी व्यवस्था और अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुंच के माध्यम से, यह योजना अनुसूचित जाति समुदायों के लिए भारत की प्रगति और विकास में पूरी भागीदारी करने के अवसर लगातार बढ़ा रही है। इसका एकीकृत दृष्टिकोण ऐसी अवसंरचना, क्षमताएं और अनुकूल माहौल तैयार करने में मदद कर रहा है, ताकि व्यक्ति और समुदाय अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सकें।

पीके / केसी / आरटी / जेके / डीए

इसी विषय से और: सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

View all इसी विषय से और: सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  1. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    शिल्प समागम मेला 2026-मैसूर, कर्नाटक

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत कल कर्नाटक के मैसूर में आयोजित नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 में पहुंचेंगे। इस मेले का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता…

    पूरा पढ़ें →
  2. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    समानता और गरिमापूर्ण जीवन की ओर महाराष्ट्र के अनिकेत अधिक सपकाल और मीनाक्षी हनुमंत पटोले की जीवन-यात्रा

    श्री अनिकेत अधिक सपकाल और श्रीमती मीनाक्षी हनुमंत पाटोले के लिए अंतरजातीय विवाह समानता, बंधुत्व और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। यह जाति आधारित भेदभाव से…

    पूरा पढ़ें →
  3. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    उपचार एवं भावनात्मक कल्याण की एक यात्रा

    नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े विकारों से जूझ रहे सभी लोगों का जीवन फिर से संवारने में समय पर उपचार, मनोवैज्ञानिक सहायता और पुनर्वास तक पहुँच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती…

    पूरा पढ़ें →
  4. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    एनएफएससी फेलोशिप ने अजय कुमार को पीएचडी करने में सक्षम बनाया

    हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के रहने वाले छात्र अजय कुमार की यात्रा उन छात्रों के दृढ़ संकल्प को दर्शाती है जो वित्तीय चुनौतियों के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त करने की आकांक्षा जारी…

    पूरा पढ़ें →
  5. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    शिल्प समागम मेला 2026 – मैसूरू

    भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा आयोजित नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026, कर्नाटक के मैसूरु दशहरा प्रदर्शनी मैदान में 11 अक्टूबर से चल रहा है। यह मेला सोमवार,…

    पूरा पढ़ें →
  6. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    आत्मविश्वास के साथ शैक्षणिक आकांक्षाओं को पूरा करना

    अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राष्ट्रीय फैलोशिप (एनएफएससी) योजना पात्र शोधार्थियों को डॉक्टरेट की पढ़ाई करने और अपने शैक्षणिक लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. आयुष

    AIIA ने दो समझौता ज्ञापनों, प्रमुख अकादमिक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों के साथ मनाया अपना 10वाँ स्थापना दिवस

    अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के कौमारभृत्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन KAUMARACON 2026 का शनिवार को आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय…

    पूरा पढ़ें →
  2. वित्‍त मंत्रालय

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत एमपी के युवाओं के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ पांच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।…

    पूरा पढ़ें →
  3. पर्यावरण

    राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने पहुंच और लाभ साझाकरण व्यवस्था के अंतर्गत 29 राज्य जैव विविधता परिषदों और एक केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद को 1.19 करोड़ रुपये वितरित किए

    जैविक संसाधन बाज़ारों या व्यापारियों के माध्यम से खरीदे जाने के कारण व्यक्तिगत लाभार्थियों की पहचान आसानी से नहीं हो पाती थी। इस प्रकार से एनबीए ने विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसित और…

    पूरा पढ़ें →
  4. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने फिरोजपुर और फरीदकोट में धान की पराली के प्रबंधन संबंधी उपायों की समीक्षा की; फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी की समय पर उपलब्धता और किसानों को सहायता प्रदान करने पर जोर

    पंजाब के मोगा जिले के दौरे के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. टी.एस. पंवार के नेतृत्व में एक…

    पूरा पढ़ें →
  5. औषधि विभाग

    137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन का युक्तिकरण

    रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अत्यधिक ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करने, कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाने और…

    पूरा पढ़ें →
  6. आयुष

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026: आयुर्वेद रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026 (18 अक्टूबर) पर आयुष मंत्रालय रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, निवारक देखभाल और व्यापक दृष्टिकोण की अहमियत को रेखांकित कर रहा है। आयुर्वेद विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  7. रक्षा मंत्रालय

    पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ किया

    भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी 15 अक्टूबर, 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हो गए। ये जहाज…

    पूरा पढ़ें →
  8. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    एफएसएसएआई ने चाय के लिए कीटनाशक अवशेषों की वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित सीमाएँ प्रस्तावित कीं, उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने सतत प्रयासों के तहत, चाय में दो कीटनाशकों, एसिटामिप्रिड और इमिडाक्लोप्रिड…

    पूरा पढ़ें →
  9. उप राष्ट्रपति सचिवालय

    श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने संगीतकार देवा के निधन पर शोक व्यक्त किया

    भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने मशहूर संगीतकार देवा के निधन पर गहरा दुख जताया है। अपने शोक संदेश में उपराष्ट्रपति ने कहा कि देवा ने अपनी विशिष्ट संगीत शैली…

    पूरा पढ़ें →
  10. पृथ्‍वी विज्ञान मंत्रालय

    आईआईटीएम ने जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक का आयोजन किया

    जलवायु विज्ञान को भारत के लिए सेवाओं में परिणत करने वाले मंच (सीएसएसआईएफ) की पहली हितधारक परामर्श बैठक आईआईटीएम, पुणे में 17 अक्टूबर 2026 को हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जलवायु विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →

इस करंट अफेयर्स अपडेट को कैसे पढ़ें

यह पेज “पीएम-अजय 'आदर्श ग्राम', सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं और शैक्षिक अवसंरचना के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा दे रहा है” विषय पर जानकारी देता है। विषय समझने के लिए पूरा लेख पढ़ें और किसी भी तारीख, आंकड़े या आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित मूल दस्तावेज़ से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अपडेट का मुख्य विषय क्या है?

इस पेज का विषय है: पीएम-अजय 'आदर्श ग्राम', सामाजिक-आर्थिक परियोजनाओं और शैक्षिक अवसंरचना के माध्यम से समावेशी विकास को बढ़ावा दे रहा है। विषय की पूरी जानकारी ऊपर दिए गए लेख में पढ़ें।

यह पेज कब प्रकाशित हुआ था?

यह पेज 17 October 2026 को प्रकाशित हुआ था। यह पेज की प्रकाशन तारीख है; लेख में बताई गई घटना की तारीख अलग हो सकती है।

इस विषय की जानकारी का उपयोग कैसे करें?

पूरे लेख का संदर्भ पढ़ें, जरूरी तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि करें और संबंधित अपडेट के लिए करंट अफेयर्स अनुभाग देखें।

↑