दूरसंचार विभाग (डी ओ टी ) ने आज बेंगलुरु में अपने तीसरे निवेशक गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया। इसमें मध्य प्रदेश के ग्वालियर में बन रहे भारत के पहले एकीकृत दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) में निवेश के अवसरों पर अग्रणी प्रौद्योगिकी, दूरसंचार, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के हितधारकों के साथ चर्चा की गई।
केंद्रीय संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित गोलमेज सम्मेलन में उद्योग जगत के नेताओं और संभावित निवेशकों को घरेलू दूरसंचार विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करने, मूल्यवर्धन बढ़ाने, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, निर्यात को समर्थन देने और विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी दूरसंचार एवं इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ लाया गया।
इस अवसर पर श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र सहकारी संघवाद का एक सशक्त उदाहरण है। केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश सरकार मिलकर काम कर रही हैं, और राज्य सरकार लगभग 8,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन और सब्सिडी प्रदान कर रही है। इस तरह का सहयोगात्मक दृष्टिकोण निजी क्षेत्र को निवेश करने, नवाचार करने और विस्तार करने के लिए प्रेरित करता है।”
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारत अब सेवा-प्रधान राष्ट्र से उत्पाद-प्रधान राष्ट्र बनने की दिशा में निर्णायक रूप से आगे बढ़ रहा है। दूरसंचार क्षेत्र में हमारी तीन प्राथमिकताएं स्पष्ट हैं: घरेलू मूल्यवर्धन बढ़ाना, भारत में बौद्धिक संपदा का सृजन करना और भारतीय डिज़ाइन और निर्मित उत्पादों को विश्व के कोने-कोने तक पहुंचाना। हमने सेमीकंडक्टर से लेकर विमानन तक सभी क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता यात्रा को गति पकड़ते देखा है। दूरसंचार अगला क्षेत्र है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 'मेक इन इंडिया', 'मेक फॉर इंडिया' और 'मेक फॉर द वर्ल्ड' के दृष्टिकोण के अंतर्गत हमें अब 'डिजाइन इन इंडिया' पर भी ध्यान देना होगा और ऐसे उत्पाद बनाने होंगे जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।”
