ग्वालियर भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र (टीएमजेड) के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। यहां एशिया का पहला दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज भारत सरकार के दूरसंचार विभाग के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी (साडा – एसएडीए, ग्वालियर) में प्रस्तावित टीएमजेड के लिए चिन्हित स्थल का निरीक्षण किया।
प्रस्तावित टीएमजेड लगभग ₹5,500 करोड़ के निवेश के साथ स्थापित किया जाएगा और इससे 18,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल एक औद्योगिक इकाई स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्वालियर में 24-25 दूरसंचार विनिर्माण इकाइयों वाला एक संपूर्ण औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने की दिशा में है। इन इकाइयों में दूरसंचार उपकरणों और विभिन्न प्रकार के कलपुर्जों का निर्माण किया जाएगा, जिससे ग्वालियर की उभरते दूरसंचार विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थिति मजबूत होगी।
पहले चरण के लिए 170 एकड़ भूमि चिन्हित
प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के लिए साडा में 90 से अधिक एकड़ और आईटी पार्क में 70 से अधिक एकड़, यानी कुल लगभग 170 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है।
श्री सिंधिया ने कहा कि निवेशकों की ओर से काफी रुचि दिखाई गई है और वर्तमान में प्राप्त आवेदन उपलब्ध भूमि से भी अधिक हैं। इसके अनुसार, दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र के पहले चरण के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार भूमि आवंटन बढ़ाया जाएगा।
एसएडीए की स्थापना मूल रूप से ग्वालियर को एक नए औद्योगिक केंद्र और दिल्ली के काउंटर मैग्नेट सिटी के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से की गई थी। प्रस्तावित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र ग्वालियर में एशिया का पहला समर्पित दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र स्थापित करके इसी औद्योगिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगा।
5,500 करोड़ रुपये के निवेश के लिए 24 कंपनियों ने आवेदन प्रक्रिया शुरू की
जुलाई 2026 में केंद्रीय मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अगस्त में दिल्ली और मुंबई में निवेशक सम्मेलन आयोजित किए गए, जिनका नेतृत्व केंद्रीय मंत्री श्री सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया।
