वैश्विक व्यापार में ब्रिक्स की लगभग एक-चौथाई हिस्सेदारी को देखते हुए केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने आज सदस्य और सहयोगी देशों के बीच स्थायी, मज़बूत और ज्यादा संतुलित व्यापारिक संबंध बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। नई दिल्ली में ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए बाज़ार तक बेहतर पहुंच, विविध आपूर्ति श्रृंखला और आसान नियम-कानून प्रक्रियाओं पर बल दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह फ़ोरम महत्वपूर्ण नतीजे देगा और ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक बातचीत और व्यापारिक साझेदारी को बड़े स्तर पर ले जाएगा।
उद्घाटन सत्र को रूसी संघ के आर्थिक विकास मंत्री मैक्सिम रेशेतनिकोव; विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर; वाणिज्य और उद्योग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद; और वाणिज्य सचिव श्री राजेश अग्रवाल ने भी संबोधित किया।
श्री गोयल ने कहा कि भारत ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने इंजीनियरिंग के सामान तथा इलेक्ट्रॉनिकी में देश की मज़बूत क्षमताओं पर प्रकाश डाला, जो भारत के निर्मित सामानों के निर्यात का सबसे बड़ा हिस्सा हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को दुनिया की फ़ार्मेसी के रूप में जाना जाता है। उन्होंने कहा कि भारत ब्रिक्स देशों को ऐसे अन्य उत्पादों के लिए एक महत्वपूर्ण बाज़ार के रूप में देखता है, जिन्हें वह एक भरोसेमंद सहयोगी के तौर पर दुनिया तक पहुंचाना चाहता है।
सहयोगी देशों के बीच स्थायी और मज़बूत व्यापार के महत्व पर ज़ोर देते हुए, श्री गोयल ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला में विविधता होनी चाहिए और व्यापार किसी भी सदस्य देश में विकास तथा लोगों की भलाई में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने ब्रिक्स देशों से एक-दूसरे के उत्पादों—जिनमें कच्चा माल और ज़रूरी खनिज शामिल हैं—के लिए अपने बाज़ार खोलने का आग्रह किया।
श्री गोयल ने कहा कि आपूर्ति श्रृंखला तभी मज़बूत होती हैं जब वे दोनों तरफ़ से काम करती हैं। यह देखते हुए कि 88 प्रतिशत देशों के लिए टैरिफ़ की तुलना में गैर-टैरिफ़ उपायों से निर्यात की लागत ज़्यादा आती है, उन्होंने बाज़ार तक आसान और सुचारू पहुंच की वकालत की। उन्होंने ब्रिक्स सदस्य और सहयोगी देशों से अपने बाज़ार खोलने और साथ मिलकर काम करते हुए नियामक प्रक्रियाओं को आसान बनाने और खेप की तेज़ी से मंज़ूरी को सुविधाजनक बनाने का आग्रह किया।
