डॉ. जितेंद्र सिंह ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 की ई-कचरा निपटान गतिविधि में हिस्सा लिया। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और कार्मिक सहित विभिन्न विभागों का दायित्व संभालने वाले मंत्री ने पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के व्यवस्थित निपटान तथा उनके बचे हुए मूल्य को पहचानने की जरूरत बताई।
मंत्री ने गांधी जयंती से पटेल जयंती तक की अवधि को सफाई के लिए केंद्रित प्रयास का अवसर बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता पूरे वर्ष की जिम्मेदारी है। एक माह का अभियान उसकी जगह लेने के बजाय विभागों को अपने कामकाज और सफाई की आदतों की समीक्षा करके उन्हें बेहतर बनाने का अवसर देता है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछली गतिविधियों से मिली सीख अगले अभियान में शामिल की जाती है। अनुपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामान केवल बोझ नहीं हैं। निर्धारित प्रक्रिया से निपटान करने पर उनसे राजस्व भी मिल सकता है, जिसे हाल के अनुभवों ने महत्वपूर्ण सीख के रूप में सामने रखा है।
मंत्री के अनुसार मौजूदा अभियान के शुरुआती 15-17 दिनों में कबाड़ निपटान से करीब 490 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने उम्मीद जताई कि 31 अक्टूबर तक राशि दोगुने से अधिक हो सकती है। इसे अभियान के आगे के परिणाम के प्रति उनका विश्वास बताया गया।
पहले कबाड़ बिक्री की एक समान प्रक्रिया नहीं थी, जबकि वर्तमान गतिविधि में जेम पोर्टल अपनाया गया है। मंत्री ने कहा कि अप्रचलित उपकरणों का शेष आर्थिक मूल्य भी समझना चाहिए। व्यवस्थित नीलामी से साफ-सफाई के साथ ऐसे सामान से संभावित प्राप्ति का आकलन और उपयोग संभव होता है।
उन्होंने माउस या स्क्रीन खराब होने पर पूरा कंप्यूटर सेट हटाने की प्रथा पर ध्यान दिलाया, भले बाकी हिस्सा काम कर रहा हो। उदाहरण में निपटान के लिए चुने गए 152 डेस्कटॉप और 52 एयर कंडीशनर शामिल थे। मंत्री ने पुराने तथा अप्रयुक्त उपकरणों के मूल्य का उचित हिसाब रखने पर बल दिया।
डीओपीटी ने 30 सितंबर 2026 को जेम पर तीन नीलामी सूचनाएं जारी कीं। इनमें आईटी सामान, विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और फर्नीचर की अलग श्रेणियां हैं। प्रत्येक के लिए अनुशंसित आरक्षित मूल्य रखा गया है।
आईटी सूची में 152 डेस्कटॉप, 35 प्रिंटर, आठ स्कैनर और तीन फोटोकॉपी मशीनें हैं। साथ में 59 यूपीएस और कीबोर्ड-माउस जैसी 217 विविध वस्तुएं शामिल हैं।
विद्युत तथा इलेक्ट्रॉनिक श्रेणी में 52 एयर कंडीशनर, चार टेलीविजन, पांच रेफ्रिजरेटर और 17 वाटर डिस्पेंसर रखे गए हैं। फर्नीचर में कुर्सियां, मेज, अलमारी, सोफे, दराज तथा वर्कस्टेशन हैं। सभी श्रेणियों का संयुक्त अनुशंसित आरक्षित मूल्य करीब 9 लाख रुपये है।
विशेष अभियान 6.0 में विभाग का यह प्रयास सफाई को अप्रचलित संपत्तियों के व्यवस्थित निपटान से जोड़ता है। सचिव रचना शाह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उद्देश्य जगह व्यवस्थित करने के साथ उपकरणों के अवशिष्ट मूल्य का लाभ प्राप्त करना है।
कार्मिक मंत्रालय की निपटान गतिविधि संबंधी जानकारी।
