Sunday, 18 October 2026 24 new updates today
Latest Updates

कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय Read in English

आईआईसीए ने ‘आईबीसी: संशोधनों के ज़रिए विकसित होता कानून’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया

Key details of this update
DetailInformation
Date20 September 2026 (Sunday)
Time8:36 PM
Topic / Ministryकॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
Languageहिन्दी · Read in English
Reading time2 min (334 words)

"दिग्गज से मिलिए” (मीट द लीजेंड) कार्यक्रम के तहत, भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए), मानेसर ने "आईबीसी: संशोधनों के ज़रिए विकसित होता कानून" विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया। इस सत्र में भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के पूर्व चेयरमैन और दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के विकास और बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. एम. एस. साहू ने भाग लिया।

सत्र की शुरुआत आईआईसीए के डीजी और सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह के स्वागत भाषण और संदर्भ-परिचय के साथ हुई। उन्होंने भारत के दिवाला इकोसिस्टम के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रतिष्ठित विशेषज्ञों और विचारकों से सीधे सीखने के महत्व पर ज़ोर दिया।

डॉ. एम. एस. साहू ने प्रतिभागियों को लगातार संशोधनों और नियामक बदलावों के ज़रिए आईबीसी के विकास के बारे में व्यापक जानकारी दी। अपने व्यापक अनुभव के आधार पर, उन्होंने आर्थिक कानूनों में प्रयोग की अवधारणा पर चर्चा की और इस बात पर ज़ोर दिया कि बाजार की बदलती वास्तविकताओं के अनुसार आर्थिक कानूनों में लगातार बदलाव होते रहने चाहिए।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि बाज़ार कानूनी मुकदमों की गति की तुलना में बहुत तेज़ी से बदलते हैं, जिससे उभरती स्थितियों से निपटने के लिए सहायक कानून और नियामक तंत्र महत्वपूर्ण साधन बन जाते हैं।

उन्होंने व्याख्या करते हुए कहा कि संहिता के प्रावधानों और संहिता के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियम बनाए जा सकते हैं, ताकि दिवाला फ्रेमवर्क व्यावहारिक चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सके।

इस सत्र ने पीजीआईपी प्रतिभागियों को दिवाला कानून की गतिशील प्रकृति; कानून, सहायक कानून और बाज़ार के विकास के बीच आपसी संबंध तथा उभरती आर्थिक और कानूनी चुनौतियों से निपटने के लिए दिवाला फ्रेमवर्क को लगातार अनुकूलित करने के महत्व के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान की।

इस बातचीत ने छात्रों को आईबीसी को केवल एक स्थिर कानून के रूप में नहीं, बल्कि बाज़ार के अनुभव, न्यायिक व्याख्या, नियामक हस्तक्षेप और विधायी संशोधनों से आकार लेने वाले एक विकसित होते आर्थिक कानून के रूप में समझने का अवसर दिया।

इसी विषय से और: कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

View all इसी विषय से और: कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय
  1. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    कोयला एवं खान राज्य मंत्री ने कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (एनसीसीएसआर 2026) का उद्घाटन किया

    कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने नई दिल्ली में कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अंतर्गत भारतीय कॉर्पोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए) द्वारा आयोजित कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन…

    पूरा पढ़ें →
  2. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    विकसित भारत के लिए सुदृढ़ शासन, बेहतर समन्वय और परिणामोन्मुखी सीएसआर पर जोर के साथ कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरा राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी संपन्न

    भारतीय कॉरपोरेट कार्य संस्थान (आईआईसीए), कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत आने वाले संस्थान ने नई दिल्ली स्थित होटल द अशोक में कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी…

    पूरा पढ़ें →
  3. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    आईआईसीए ने गांधी जयंती के अवसर पर तीसरा आईआईसीए सीएसआर दिवस मनाया, इस अवसर पर महानिदेशक एवं सीईओ ने एनसीसीएसआर 2026 से पहले आईआईसीए प्रमाणित सीएसआर पेशेवर कार्यक्रम के प्रतिभागियों को विशेष संबोधन दिया

    कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) ने हाल ही में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सीएसआर दिवस मनाया। आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ…

    पूरा पढ़ें →
  4. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता ने क्रेडिट अनुशासन को मजबूत किया है, वसूली के माहौल को बेहतर बनाया है और देश में व्यापार करने में आसानी में योगदान दिया है: हर्ष मल्होत्रा, राज्य मंत्री, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय

    कॉर्पोरेट कार्य और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री हर्ष मल्होत्रा ​​ने आज नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारतीय दिवाला और शोधन अक्षमता बोर्ड (आईबीबीआई) के 10वें स्थापना…

    पूरा पढ़ें →
  5. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने एडवाइजरी जारी करते हुए नियमों का पालन न करने वाली निधि कंपनियों के अधिक रिटर्न के वादों से जनता को सावधान किया

    एमसीए ने आम जनता के लिए 'निधि कंपनियों' और उनके कामकाज को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें बिना किसी उचित पृष्ठभूमि की जांच के निवेश के फैसले लेने से बचने…

    पूरा पढ़ें →
  6. कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय

    कारपोरेट कार्य मंत्रालय आगामी विशेष स्वच्छता अभियान 6.0 के लिए पूरी तरह तैयार

    पिछले वर्ष विशेष अभियान 5.0 के तहत निर्धारित लक्ष्यों में 90 प्रतिशत से अधिक की सफलतापूर्वक पूर्ति की गति को आगे बढ़ाते हुए, कारपोरेट कार्य मंत्रालय (एमसीए) वर्तमान वर्ष में विशेष अभियान…

    पूरा पढ़ें →

और करेंट अफेयर्स

View all और करेंट अफेयर्स
  1. आयुष

    AIIA ने दो समझौता ज्ञापनों, प्रमुख अकादमिक प्रकाशनों और डिजिटल पहलों के साथ मनाया अपना 10वाँ स्थापना दिवस

    अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली के कौमारभृत्य विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन KAUMARACON 2026 का शनिवार को आयुर्वेदिक बाल स्वास्थ्य को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित अंतरराष्ट्रीय…

    पूरा पढ़ें →
  2. वित्‍त मंत्रालय

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत एमपी के युवाओं के लिए मादक पदार्थों के खिलाफ पांच जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया

    केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) की मध्य प्रदेश इकाई ने मिशन युवा रक्षा के अंतर्गत अक्टूबर 2026 में नीमच, जावरा, जावद, मंदसौर और गरोठ के शिक्षण संस्थानों में पांच नशा-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।…

    पूरा पढ़ें →
  3. पर्यावरण

    राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण (एनबीए) ने पहुंच और लाभ साझाकरण व्यवस्था के अंतर्गत 29 राज्य जैव विविधता परिषदों और एक केंद्र शासित प्रदेश जैव विविधता परिषद को 1.19 करोड़ रुपये वितरित किए

    जैविक संसाधन बाज़ारों या व्यापारियों के माध्यम से खरीदे जाने के कारण व्यक्तिगत लाभार्थियों की पहचान आसानी से नहीं हो पाती थी। इस प्रकार से एनबीए ने विशेषज्ञ समिति द्वारा अनुशंसित और…

    पूरा पढ़ें →
  4. पर्यावरण

    सीएक्यूएम ने फिरोजपुर और फरीदकोट में धान की पराली के प्रबंधन संबंधी उपायों की समीक्षा की; फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) मशीनरी की समय पर उपलब्धता और किसानों को सहायता प्रदान करने पर जोर

    पंजाब के मोगा जिले के दौरे के बाद, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के सदस्य (तकनीकी) डॉ. टी.एस. पंवार के नेतृत्व में एक…

    पूरा पढ़ें →
  5. औषधि विभाग

    137 कैंसर रोधी दवाओं पर व्यापार मार्जिन का युक्तिकरण

    रसायन और उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने अत्यधिक ट्रेड मार्जिन को नियंत्रित करने, कैंसर के इलाज को अधिक किफायती बनाने और…

    पूरा पढ़ें →
  6. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    शिल्प समागम मेला 2026-मैसूर, कर्नाटक

    सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव श्री सुधांश पंत कल कर्नाटक के मैसूर में आयोजित नौ दिवसीय शिल्प समागम मेला 2026 में पहुंचेंगे। इस मेले का आयोजन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता…

    पूरा पढ़ें →
  7. आयुष

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026: आयुर्वेद रजोनिवृत्ति स्वास्थ्य के लिए समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है

    विश्व रजोनिवृत्ति दिवस 2026 (18 अक्टूबर) पर आयुष मंत्रालय रजोनिवृत्ति के दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता, निवारक देखभाल और व्यापक दृष्टिकोण की अहमियत को रेखांकित कर रहा है। आयुर्वेद विज्ञान…

    पूरा पढ़ें →
  8. रक्षा मंत्रालय

    पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन सेशेल्स से रवाना, समुद्री सहयोग को और प्रगाढ़ किया

    भारतीय नौसेना के पहले प्रशिक्षण स्क्वाड्रन (1टीएस) के जहाज आईएनएस तीर, आईएनएस सुजाता और भारतीय तटरक्षक जहाज सारथी 15 अक्टूबर, 2026 को सेशेल्स के पोर्ट विक्टोरिया से रवाना हो गए। ये जहाज…

    पूरा पढ़ें →
  9. सामाजिक न्‍याय एवं अधिकारिता मंत्रालय

    समानता और गरिमापूर्ण जीवन की ओर महाराष्ट्र के अनिकेत अधिक सपकाल और मीनाक्षी हनुमंत पटोले की जीवन-यात्रा

    श्री अनिकेत अधिक सपकाल और श्रीमती मीनाक्षी हनुमंत पाटोले के लिए अंतरजातीय विवाह समानता, बंधुत्व और सामाजिक सद्भाव जैसे मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। यह जाति आधारित भेदभाव से…

    पूरा पढ़ें →
  10. स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

    एफएसएसएआई ने चाय के लिए कीटनाशक अवशेषों की वैज्ञानिक आधार पर निर्धारित सीमाएँ प्रस्तावित कीं, उपभोक्ता सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

    भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने विज्ञान आधारित खाद्य सुरक्षा विनियमन और उपभोक्ता संरक्षण को बढ़ावा देने के अपने सतत प्रयासों के तहत, चाय में दो कीटनाशकों, एसिटामिप्रिड और इमिडाक्लोप्रिड…

    पूरा पढ़ें →

इस करंट अफेयर्स अपडेट को कैसे पढ़ें

यह पेज “आईआईसीए ने ‘आईबीसी: संशोधनों के ज़रिए विकसित होता कानून’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया” विषय पर जानकारी देता है। विषय समझने के लिए पूरा लेख पढ़ें और किसी भी तारीख, आंकड़े या आधिकारिक घोषणा के लिए संबंधित मूल दस्तावेज़ से पुष्टि करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस अपडेट का मुख्य विषय क्या है?

इस पेज का विषय है: आईआईसीए ने ‘आईबीसी: संशोधनों के ज़रिए विकसित होता कानून’ विषय पर एक महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किया। विषय की पूरी जानकारी ऊपर दिए गए लेख में पढ़ें।

यह पेज कब प्रकाशित हुआ था?

यह पेज 20 September 2026 को प्रकाशित हुआ था। यह पेज की प्रकाशन तारीख है; लेख में बताई गई घटना की तारीख अलग हो सकती है।

इस विषय की जानकारी का उपयोग कैसे करें?

पूरे लेख का संदर्भ पढ़ें, जरूरी तथ्यों की आधिकारिक दस्तावेज़ों से पुष्टि करें और संबंधित अपडेट के लिए करंट अफेयर्स अनुभाग देखें।

↑