कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ कॉर्पोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) ने हाल ही में महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सीएसआर दिवस मनाया। आईआईसीए के महानिदेशक एवं सीईओ श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने आईआईसीए सर्टिफाइड सीएसआर प्रोफेशनल प्रोग्राम के 11वें बैच के प्रतिभागियों को विशेष संबोधन दिया। आईआईसीए के स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट द्वारा आयोजित यह वर्चुअल सत्र, कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व पर तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन एवं प्रदर्शनी (एनसीसीएसआर 2026) के उद्घाटन-पूर्व कार्यक्रम के रूप में भी आयोजित किया गया।
यह आयोजन वर्ष 2019 में राष्ट्रीय सीएसआर पुरस्कार समारोह में तत्कालीन राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद द्वारा दिए गए सुझाव पर आधारित है, जिसमें उन्होंने 2 अक्टूबर को कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के लिए समर्पित करने का सुझाव दिया था।। महात्मा गांधी की ट्रस्टीशिप की अवधारणा में निहित आईआईसीए सीएसआर दिवस, भारत के विकसित होते सीएसआर पारिस्थितिकी तंत्र पर संवाद, मान्यता, सहयोग और ज्ञान साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।
महानिदेशक एवं सीईओ का स्वागत करते हुए, स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट की प्रमुख और पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. गरिमा दाधीच ने कहा कि सीएसआर इकोसिस्टम को ऐसे प्रशिक्षित पेशेवरों की अधिक आवश्यकता है जो दायित्व को परिणाम में बदलने की क्षमता रखते हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसी उद्देश्य से कार्यक्रम को राष्ट्रीय सम्मेलन के पाठ्यक्रम से जोड़ा गया है और बताया कि एनसीसीएसआर 2026 में पूरे भारत से 550 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले चुके हैं।
अपने संबोधन में श्री ज्ञानेश्वर कुमार सिंह ने कहा कि 2 अक्टूबर और सीएसआर दार्शनिक रूप से जुड़े हुए हैं, क्योंकि भारत में सीएसआर की नींव भारतीय परंपरा और ट्रस्टीशिप की अवधारणा में निहित है, और यह केवल कंपनी अधिनियम से ही उत्पन्न नहीं हुई है। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 166(2) का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कानून स्वयं यह मान्यता देता है कि कोई कंपनी समाज के भीतर काम करती है और उसकी जिम्मेदारी केवल शेयरधारकों तक सीमित नहीं, बल्कि अपने कर्मचारियों, समुदाय और पर्यावरण के प्रति भी है।
