विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कल विश्व भर में मनाए जाने वाले "अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस" की पूर्व संध्या पर जुहू बीच पर तटीय सफाई अभियान का नेतृत्व किया। उन्होंने भारत की अब तक इस्तेमाल न की गई समुद्री संपदा पर प्रकाश डाला और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए डीप ओशन मिशन को भारत की समुद्र जनित अर्थव्यवस्था का प्रमुख कार्यक्रम बताया।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के समारोह के दौरान वर्ष 2022 में शुरू किया गया 'स्वच्छ सागर सुरक्षित सागर' अभियान, स्वच्छ तटों और सुरक्षित समुद्रों के लिए सरकार और समाज के समग्र आंदोलन के रूप में विकसित हुआ है।
75 दिनों के अंतर-मंत्रालयी अभियान के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब एक वार्षिक राष्ट्रव्यापी पहल में तब्दील हो गया है, जो सितंबर के तीसरे शनिवार को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया जाता है। यह अभियान भारत के तटीय और समुद्री पर्यावरण की रक्षा के लिए सरकारी संस्थानों और नागरिकों को एक साथ लाता है। वर्ष 2026 का अभियान 12 से 19 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय तटीय सफाई दिवस की पूर्व संध्या पर मुंबई के जुहू बीच पर आयोजित तटीय सफाई कार्यक्रम का नेतृत्व किया। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. टी. श्रीनिवास कुमार तुम्माला और बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इनके अलावा, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और इसके संस्थानों के निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी, जन प्रतिनिधि, गणमान्य व्यक्ति, स्वयंसेवक और अन्य प्रतिभागी भी मौजूद थे। कार्यक्रम में महासागर और समुद्र की स्वच्छता की सामूहिक शपथ ली गई, जिसके बाद सफाई अभियान चलाया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह ने अधिकारियों और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर समुद्र तट से प्लास्टिक और अन्य कचरा हटाया।
