वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष अभियान 6.0 चलाएगा। इस अभियान का उद्देश्य विभाग और उससे संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त संगठनों में स्वच्छता को संस्थागत बनाना, लंबित मामलों को कम करना, बेहतर रिकॉर्ड प्रबंधन, ज़िम्मेदारी से इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) का निपटान करना और कार्यालय के स्थान का सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करना है।
यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा। 15 से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले तैयारी चरण में लक्ष्यों की पहचान, रिकॉर्ड और लंबित मामलों की समीक्षा करने और मुख्य अभियान के दौरान स्वच्छता अभियानों तथा निपटान कार्यों की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
विशेष अभियान 6.0 का लक्ष्य डीपीआईआईटी और देश भर में स्थित उनके फील्ड और शाखा कार्यालय सहित उससे संबद्ध, अधीनस्थ तथा स्वायत्त संगठनों के कार्यालय परिसरों में पूरी तरह से स्वच्छता सुनिश्चित करना है। इस अभियान में डीपीआईआईटी के प्रशासनिक नियंत्रण वाले सभी 19 संबद्ध, अधीनस्थ और स्वायत्त संगठन शामिल होंगे।
डीपीआईआईटी ने विशेष अभियान 5.0 में व्यापक स्तर पर भाग लिया था और स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, लंबित मामलों को कम करने और स्थान के उपयोग में उल्लेखनीय परिणाम हासिल किए थे। अभियान के दौरान, 1,572 वास्तविक (फिजिकल) फाइलों की समीक्षा की गई, जिनमें से 1,119 फाइलों को रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखने की निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार हटा दिया गया। बेकार रिकॉर्ड और कबाड़ के निपटान से कार्यालय में 11,235 वर्ग फुट स्थान खाली हुआ और 17,69,569 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
विभाग ने अपने चिह्नित लंबित मामलों के लक्ष्यों पर भी काम किया, जिसमें जन शिकायतों और जन शिकायत अपीलों का निपटान, के साथ ही नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए पहचाने गए क्षेत्र शामिल थे। इन पहलों ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यक्षमता, तत्परता और समग्र कार्य अनुभव को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
