भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई ने आज सभी भागीदारों के साथ एक दिवसीय हितधारक सम्मेलन आयोजित किया, जिसमें सेवा वितरण को और बेहतर बनाने, आधार के उपयोग से सुविधा बढ़ाने और लोगों के व्यापक हित में योगदान देने के लिए विचार-विमर्श किया गया और विचार साझा किए गए।
17वें आधार दिवस के अवसर पर कोलकाता में आयोजित ‘आधार संवाद’ में वरिष्ठ नीति निर्माता, उद्योग जगत के नेता, तकनीकी विशेषज्ञ और पेशेवरों सहित 600 से अधिक हितधारक एकत्र हुए।
इस कार्यक्रम में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह सम्मेलन देश के लिए एक विश्वसनीय डिजिटल पहचान अवसंरचना के रूप में आधार के निरंतर विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ।
इस अवसर पर श्री प्रसाद ने कहा कि “आधार एक बड़ी सफलता की कहानी है। भारत की विकास गाथा में आधार एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटक है।”
उन्होने कहा कि “सेवा वितरण को बेहतर बनाने, बड़े पैमाने पर वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने में आधार की महत्वपूर्ण भूमिका रही है कि सरकारी लाभ सही लोगों तक पहुंचें। हमारे डिजिटल शासन की आधारशिला के रूप में, आधार ने सरकारी सेवाओं तक हमारी पहुंच के तरीके में क्रांति ला दी है, जिससे पारदर्शिता, दक्षता और समावेशिता सुनिश्चित हुई है।” श्री प्रसाद ने उभरती प्रौद्योगिकियों के साथ तालमेल बनाए रखने के महत्व को भी रेखांकित किया।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि आधार पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए किस प्रकार लाभकारी होने जा रहा है और सरकारी पहलों के लाभ सही लाभार्थियों तक पहुंचेंगे।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण- यूआईडीएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री सौरभ विजय ने कहा कि यूआईडीएआई और आधार इकोसिस्टम की हर कार्रवाई के केंद्र में निवासी लगातार बने हुए हैं। उन्होंने बताया कि 17वें आधार दिवस पर उत्पादों का लॉन्च इसी निवासी-केंद्रित दृष्टिकोण के अनुरूप है।
श्री विजय ने कहा, “पूरे दिन हमने अपने हितधारकों के साथ आधार के उपयोग का विस्तार करने, सुशासन के लिए प्रमाणीकरण पारिस्थितिकी तंत्र को और मजबूत करने, नामांकन और अपडेट इकोसिस्टम तथा उभरती प्रौद्योगिकियों की चुनौतियों और अवसरों जैसे मुद्दों पर चर्चा की।”
यूआईडीएआई के उप महानिदेशक विवेक सी वर्मा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा, “आज यह स्वीकार करने का अवसर भी है कि तेजी से बदलते डिजिटल भारत की बदलती जरूरतों के साथ आधार लगातार विकसित हो रहा है। नई प्रौद्योगिकियां, सेवा वितरण के नए रूप और गोपनीयता, सुरक्षा तथा निवासी सुविधा पर अधिक जोर इसके अगले अध्याय को आकार दे रहे हैं।”
